Azadi ka Amrit Mahotsav Images, Essay, Pdf (हिंदी + English)

Azadi ka Amrit Mahotsav Images, Essay, Pdf (हिंदी + English)

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1 Azadi ka Amrit Mahotsav Images, Essay, Pdf (हिंदी + English)

आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे है की हम आजादी का अमृत महोत्सव क्यों मनाते है | Azadi ka Amrit Mahotsav Images, Essay, Pdf (हिंदी + English) साथ ही हम आपको इससे जुडी बहुत सी महत्वपूर्ण जानकारियाँ आपके साथ साझा करेंगे |

In today’s article, we are going to tell you why we celebrate the Amrit Festival of Independence. Azadi ka Amrit Mahotsav Images, Essay, Pdf (Hindi + English) Also we will share with you many important information related to it.

किसी विचारक ने कहा है कि स्वतंत्रता का अभाव ही असली स्वतंत्रता है जिसका अर्थ यह है कि जब आपसे आप की स्वतंत्रता छीन ली जाती है तब उस समय असली स्वतंत्रता का एहसास होता है, साल 2022 में भारत को आजादी के 75 वर्ष पूरे होने वाले हैं, हर 75 साल में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जाता है ताकि आजादी की कहानियां आज के बच्चों तक पहुंचाई जा सके और उन्हें बताया जा सके कि आजादी को हासिल करने में भारत को कितना संघर्ष करना पड़ा, कितने शूरवीरो को अपना बलिदान देने पड़ा उसके बाद कितने हे संघर्षो के बाद भारत को आजादी मिली।

Some thinker has said that the absence of freedom is real freedom, which means that when your freedom is taken away from you, then real freedom is realized at that time, in the year 2022 India is going to complete 75 years of independence. “Azadi ka Amrit Mahotsav” is celebrated every 75 years so that the stories of independence can be passed on to the children of today and they can be told how much India had to struggle to achieve independence, how many heroes had to sacrifice their lives after that. After so many struggles, India got independence.

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आजादी का अमृत महोत्सव 10 लाइनों मे

  1. भारत एक लंबे समय से अंग्रेजों का गुलाम रहा था और उनके दिए गए आदेशों एवं निर्देशों का पालन करता था , लेकिन सभी देशवासियो के मन में स्वतंत्रता प्राप्त करने की इच्छा थी और यही इच्छा एक दिन आत्मविश्वास,जुनून और क्रांति में परिवर्तित हो गई।
  2. आजादी प्राप्त करने के लिए भारत ने समय-समय पर अनेक प्रकार के आंदोलन चलाए जिनमें से कुछ आंदोलन तो सफल हुए और  कुछ असफल साबित हुए।
  3. स्वतंत्रता की इस लड़ाई के लिए बहुत से भारतीय शहीद उन्होंने देश के उज्जवल भविष्य के लिए अपना बलिदान दिया |  जिनमें कुछ लोग ऐसे थे जिनकी उमर बहुत कम थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने विरोधियों  को कड़ी चुनौती दी और अपनी आखिरी सांस तक उनका डटकर सामना किया।
  4. इन सब बलिदानो के बाद और 100 वर्ष से भी लंबे संघर्ष के बाद भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त कर ली और 15 अगस्त 1947 को आजाद भारत की नींव रखी।
  5. संपूर्ण भारत इस महोत्सव को मनाता है और उसकी तैयारियां करता है। आजादी का अमृत महोत्सव किसी विशेष धर्म जाति या राज्य के लिए नहीं है यह बल्कि संपूर्ण भारत के लिए है |
  6. आजादी का अमृत महोत्सव सभी सरकारी संस्थान व कार्यालयों में धूमधाम से मनाया जाता है सभी स्कूलों में बहुत अच्छे से तैयारियां की जाती है आजादी से जुड़े प्रोग्राम भी आयोजित किये जाते हैं और बच्चों को आजादी के संघर्ष की कहानियां बताई जाती है ताकि वह जान सके कि जिस भारत में वो रह रहे है आखिर उसका इतिहास किया है | भारत को स्वतंत्रता प्राप्त करने में कितना संघर्ष करना पड़ा और कितने समय बाद उन्हें स्वतंत्रता प्राप्त हुई।
  7. आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के लिए कुछ राजनीतिक पार्टियां अपनी रैलियां भी निकालती हैं ताकि वह इस का महत्व का आभास जन जन तक पंहुचा सके |
  8. देश में जितने भी सरकारी भवन है उन सब में राष्ट्रीय ध्वज सम्मान के साथ फहराया जाता है और अनेक प्रकार के कार्यक्रम आयोजित कराये  जाते है |
  9. स्कूल में भी बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेते हैं और अपनी अपनी  कला के माध्यम से आजादी का अमृत महोत्सव मनाते हैं।
  10. आजादी के अमृत महोत्सव का महत्व पूरे भारतवर्ष में अधिक है, यह किसी विशेष जाति का या किसी अन्य धर्म का त्यौहार नहीं बल्कि पूरे भारतवर्ष का त्यौहार है और पूरा भारत इस महोत्सव को उत्साह के साथ मनाता है क्योंकि आजादी की लड़ाई में कोई विशेष धर्म या जाति नहीं लड़ी थी बल्कि सभी भारत वासियों ने एक साथ संघर्ष किया था और आजादी प्राप्त की थी।
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Azadi ka Amrit Mahotsav Essay in English 10 lines

  1. India had been a slave of the British for a long time and followed the orders and instructions given by them, but there was a desire to get freedom in the mind of all the countrymen and this desire turned into confidence, passion, and revolution one day.
  2. To get independence, India launched many types of movements from time to time, out of which some movements were successful and some proved to be unsuccessful.
  3. Many Indian martyrs for this freedom fight they sacrificed their lives for the bright future of the country. There were some people whose age was very less, but despite this, he gave a tough challenge to the opponents and faced them till his last breath.
  4. After all these sacrifices and after a long struggle of more than 100 years, India got independence and on 15 August 1947, the foundation of independent India was laid.
  5. The whole of India celebrates and makes preparations for this festival. The nectar festival of freedom is not for any particular religion, caste, or state, it is for the whole of India.
  6. “Azadi ka Amrit Mahotsav” is celebrated with pomp in all government institutions and offices, preparations are made very well in all schools, programs related to freedom are also organized, and children are told stories of freedom struggle so that they can know that India in which they are living has finally done its history. How much struggle did India have to get independence and after how much time did they get independence?
  7. To celebrate the elixir of independence, some political parties also take out their rallies so that they can reach the realization of their importance to the people.
  8. In all the government buildings in the country, the national flag is hoisted with respect and many types of programs are organized.
  9. In school also, children take part in cultural programs and celebrate the nectar festival of freedom through their own art.
  10. The importance of the Amrit festival of independence is more in the whole of India, it is not a festival of any particular caste or any other religion, but the festival of the whole of India, and the whole of India celebrates this festival with enthusiasm because no particular religion or religion is involved in the freedom struggle. The caste did not fight, but all the people of India fought together and got freedom.
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आजादी का अमृत महोत्सव निबंध 100 शब्दों में

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने मार्च के महीने में गुजरात के साबरमती आश्रम से आजादी के अमृत महोत्सव की शुरुआत की थी और उन्होंने कहा था कि “राष्ट्र का गौरव तभी जागृत होता है जब हम अपने स्वाभिमान और बलिदान को याद करते हैं और उसे अगली पीढ़ी को भी बताते हैं” इसलिए आजादी का अमृत महोत्सव का महत्व वर्तमान समय में बहुत अधिक है क्योंकि आज आजादी को 75 साल हो गए हैं लेकिन अभी भी ऐसे बहुत सारे युवा है जो आजादी के संघर्षो की परवाह नहीं करते, न ही इस बारे में जानने की रुचि नहीं रखते और तो और उन्हें बलिदान की कहानियां भी नहीं पता है इसलिए आजादी के महोत्सव के माध्यम से उन सभी लोगों को आजादी के सही मायने बताने बहुत जरूरी है।

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Azadi ka Amrit Mahotsav English Essay in 100 words

Prime Minister Shri Narendra Modi started the “Azadi ka Amrit Mahotsav” from Sabarmati Ashram in Gujarat in the month of March and he said that “The pride of the nation awakens only when we remember our self-respect and sacrifice and pass it on to the next generation.” Therefore, the importance of the Amrit festival of independence is very high in the present time because today it has been 75 years of independence, but there are still many youths who do not care about the freedom struggle, nor know about it. And they do not even know the stories of sacrifice, so it is very important to tell the true meaning of freedom to all those people through the festival of freedom.

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आजादी का अमृत महोत्सव का निबंध 150 शब्दों में

आजादी का अमृत महोत्सव हमें यह ख़ास अवसर देता है कि हम अपने भविष्य को ध्यान में रखते हुए अपने इतिहास को और भी करीब से जाने, क्योंकि जब आप आजादी के संघर्ष के बारे में पढोगे और उस को करीब से जानने का प्रयास करोगे तो आपको पता लगेगा कि इस धरती से कैसे-कैसे महान वीरों ने जन्म लिया है और उन लोगों में इतना आत्मविश्वास और देश को लेकर इतना प्रेम था कि वह अपने प्राण त्याग करने को भी भी तैयार थे । उनके लिए देश सर्वोप्रिय था | उन वीर सपूतो ने उस समय क्रांति का आगाज़  कर दिया था और आजादी की चिंगारी सभी के दिलो में भर दी थी |  हर कोई देश के लिए मर मिटने को तैयार था | बहुत सारे लोग आजादी के संघर्ष में आजादी की लड़ाई लड़ते लड़ते शहीद भी हो गए और जाते जाते भी उन सब ने आजादी का नारा लगाया और स्वतंत्र भारत का सपना देखा, यही कारण  था जिससे भारत को अपने संघर्ष का परिणाम मिला और भारत ब्रिटिश शासन काल से मुक्त होकर 15 अगस्त 1947 को पूर्ण रूप से स्वतंत्र हो गया |

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Azadi ka Amrit Mahotsav English Essay in 150 words

The Amrit Festival of Independence gives us this special opportunity to know our history even more closely keeping in mind our future, because when you read about the freedom struggle and try to know it closely, then you will know. It would seem that how many great heroes have taken birth from this earth and they had so much self-confidence and so much love for the country that they were even ready to give up their lives. For him, the country was the most important. Those brave sons had started the revolution at that time and had filled the spark of freedom in everyone’s heart. Everyone was ready to die for the country. Many people were martyred fighting the freedom struggle in the freedom struggle, and even after leaving, they all raised the slogan of independence and dreamed of an independent India, this was the reason why India got the result of its struggle, and India was under British rule. Became completely independent on 15 August 1947.

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आजादी का अमृत महोत्सव पर निबंध 200 शब्द में

परिचय

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 12 मार्च, 2021 को गुजरात में अहमदाबाद के साबरमती आश्रम में आजादी के अमृत महोसत्व का उद्घाटन किया था। और 2022 में भारत की आजादी को 75 साल पूरे हो जाएंगे, जो कि किसी भी भारतवासी के लिए एक गौरव की बात है इसलिए इस महोत्सव को मनाना बहुत ही ज्यादा आवश्यक है ताकि हम अपने अंदर के देश प्रेम की भावना को जागृत और जागरूक कर सके और एक समझदार नागरिक के तौर पर भारत का विकास कर सके।

आजादी के बाद की समस्याएं

हम सभी यह बात जानते हैं कि भारत को आजादी बहुत संघर्ष और बहुत से बलिदानो के बाद प्राप्त हुई थी | लेकिन आजादी मिलने के बाद भी भारत की समस्याएं कम नहीं हुई थी कि भारत की स्वतंत्रता के तुरंत बाद ही देश में बंटवारा हो गया और धर्म के आधार पर एक नया देश पाकिस्तान बना दिया गया, उस समय ऐसे बहुत सारे लोग थे जो अपने घर को छोड़कर नए देश में नहीं जाना चाहता है लेकिन उन लोगों को मजबूरन अपना घर छोड़कर एक नए देश पाकिस्तान में जाना पड़ा और पकिस्तान की तरफ से लोगो को यहाँ आना पड़ा | यह दोनों ही तरफ से हुआ था।

यह सब होने के बाद भारत की अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा असर पड़ा था ऐसी स्थिति में भारत एक बहुत मुश्किल दौर से गुजरा, ब्रिटिश सरकार ने जाते-जाते भारत को पूरी तरह से लूट लिया था, ऐसे में दोबारा अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और सब कुछ बनाए गए कानूनों हिसाब से करना एक बड़ी चुनौती थी।

इसलिए आजादी का अमृत महोत्सव त्यौहार मनाना बहुत जरूरी है क्योंकि इसके माध्यम से हम आज की युवा पीढ़ी ( जिनकी उम्र 18 से 35 वर्ष के बीच में है ) और विपरीत सोच रखने वालो को को यह बता सकते हैं कि भारत को आजादी के लिए कितना संघर्ष करना पड़ा और आजादी के बाद भी भारत में किन किन चुनौतियों का सामना करते हुए किस तरह से गिरती हुई अर्थव्यवस्था को भारत ने संभाल और इस मुकाम पर पहुंचाया |

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Azadi ka Amrit Mahotsav English Essay in 200 words

Introduction

As we all know that Prime Minister Shri Narendra Modi inaugurated the Amrit Mahosattva of Azadi on March 12, 2021, at Sabarmati Ashram, Ahmedabad in Gujarat. And in 2022, 75 years of India’s independence will be completed, which is a matter of pride for any Indian, so it is very important to celebrate this festival so that we can awaken and make aware of the feeling of patriotism inside us. And can develop India as a sensible citizen.

Problems after Independence

We all know that India got independence after many struggles and many sacrifices. But even after getting independence, the problems of India did not reduce soon after the independence of India, the country was divided and a new country Pakistan was made on the basis of religion, at that time there were many people who wanted their home. Leaving does not want to go to the new country but those people were forced to leave their home and go to a new country Pakistan and people from Pakistan side had to come here. It happened from both sides.

After all this, there was a very bad effect on the economy of India, in such a situation, India went through a very difficult period, the British government completely looted India on the go, in such a situation, to strengthen the economy again and everything. It was a big challenge to do according to the laws made.

That is why it is very important to celebrate the “Azadi ka Amrit Mahotsav” because through this we can tell the young generation of today and the people of opposite thinking how much India had to struggle for independence and what are the challenges in India even after independence. In the face of it, how India handled the declining economy and brought it to this point.

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आजादी के अमृत महोत्सव पर निबंध 500 शब्दों में

परिचय

इस वर्ष 2021 में भारत को स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे हो जाएंगे जो कि सभी के लिए एक गर्व की बात है लेकिन भारत में वर्तमान समय में जो युवा पीढ़ी है जिनकी उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच में है वह आजादी के संघर्ष को इतना बेहतर ढंग से नहीं जानते हैं और आजादी का महत्व उन्हें इतना अधिक नहीं पता है हलाकि किताबों और स्कूल में पढ़ाए गए पाठ से उन्हें आजादी के बारे में काफी जानकारी है लेकिन वह करीब से इसकी संघर्ष की कहानी को नहीं जानते हैं कि भारत को आजाद कराने के लिए किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा और क्या-क्या कुर्बानियां भारत को देनी पड़ी।

आज भारत को एक बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश कहा जाता है  क्योंकि भारत में युवाओं की संख्या सबसे अधिक है जो अपनी काबिलियत से अपनी व देश की तरक्की में योगदान से रहे हैं और देश के विकास में सहायता कर रहे है, भारत की इकॉनमी लगभग 3 ट्रिलियन डॉलर होने वाली है लेकिन भारत ने एक बुरी अर्थव्यवस्था का दौर भी देखा है जब आजादी के बाद भारत को देश का बटवारा देखना पड़ा था और उस समय के बाद भारत की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से टूट चुकी थी लेकिन फिर भी लगातार प्रयास के बाद और देश प्रेम के दम पर | और पडोसी देश से रिश्तो में सुधार करके भारत एक बार फिर अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करता नजर आया और विश्व में अपनी जगह भी बनाई। और आज भारत का डंका दुनिया में बजता है |

भारत और सफलताएं

आज भारत उन देशों में गिना जाता है जिसके पास परमाणु हथियार , परमाणु से जुड़े बहुत से उपकरण हैं और यही नहीं भारत एक ऐसा देश है जिस के पास परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत है जिसमें भारत अपने सभी परमाणु हथियार सुरक्षित रख सकता है। यही नहीं भारत ने पहले ही प्रयास में मंगल का अपना मिशन पूरा किया था | वो मिशन इतना कठिन था की कोई भी देश पहले ही प्रयास में उसे पूरा नहीं कर पाया था | चांद और मंगल पर मानव रहित मिशन भेजने वाले 5 देशों की सूची में भारत का भी नाम शामिल है जो कि हर भारतवासी के लिए एक गर्व की बात है। भारत ने उत्पादन के मामले में कई देशों को पीछे छोड़ा है और अपनी एक विशेष जगह बनाने में कामयाबी पाई है।

भारत सरकार भी लगातार अपनी विभिन्न प्रकार की योजनाओं के माध्यम से लोगों तक सेवाएं पहुंचाती रहती है तथा सबका साथ सबका विकास के नारे के साथ कार्य करती है उन योजनाओ का लाभ बिना किसी भेद भाव के सभी को सामान रूप से दिया जाता है देश की हर नागरिक देश के लिए तत्पर रहना चाहिए, देश प्रेम की भावना रखनी चाहिए और इन सभी बातों पर ध्यान देना आवश्यक है क्योंकि जब आप इन सभी बातों पर ध्यान देंगे तो आपको गर्व महसूस होगा कि आप भारतवासी हैं और आप भारत जैसे देश में पैदा हुए हैं, इसलिए आजादी का अमृत महोत्सव मनाना बहुत जरूरी है।

आजादी के अमृत महोत्सव पर अलग-अलग तरीके से विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम करके लोगों के मन में देश प्रेम को जागरूक किया जाता है और उन शहीदों को याद किया जाता है जिन्होंने आजादी के संघर्ष की लड़ाई लड़ी और जो सभी लोगों ने स्वतंत्रता सेनानियो ने देश की आजादी का सपना देखा था उसे पूरा किया।

इसके अलावा आजादी के अमृत महोत्सव के माध्यम से हम आज की युवा पीढ़ी ( जिनकी उम्र 18 से 35 वर्ष के बीच में है ) को आजादी के संघर्ष के बारे में विस्तार से बता सकते हैं विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन करके उन्हें उन सभी चुनौतियों से अवगत करा सकते हैं जो भारत को स्वतंत्रता दिलाने में सामने आई थी , क्योंकि हमें अपने भविष्य को ध्यान में रखते हुए अपने इतिहास को भी याद करना जरूरी है क्योंकि यह भारत का वह इतिहास है जो किसी में भी आत्मविश्वास से भर देगा।

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Azadi ka Amrit Mahotsav English Essay in 500 words

Introduction

In the year 2021, India will complete 75 years of independence, which is a matter of pride for everyone, but at present, the young generation in India, whose age is between 20 and 30 years, is doing the freedom struggle so much better. They do not know the way and the importance of freedom, they do not know much about freedom from books and lessons taught in school but they do not know closely the story of its struggle to liberate India. What challenges had to be faced and what sacrifices had to be made by India?

Today India is called a country with a big economy because India has the largest number of youths who have contributed to the progress of their own and the country and are helping in the development of the country, India’s economy is about 3 trillion. The dollar is about to happen but India has also seen a period of the bad economy when after independence India had to see the partition of the country and after that time India’s economy was completely broken but still after continuous efforts more country On the basis of love And by improving the relations with the neighboring country, India once again appeared to strengthen its economy and also made its place in the world. And today India’s Danka rings in the world.

India and success

Today India is counted among those countries which have nuclear weapons, and much nuclear-related equipment, and not only this, India is the only country that has a nuclear submarine INS Arihant in which India can keep all its nuclear weapons safe. Not only this, India had completed its mission to Mars in the very first attempt. That mission was so difficult that no country could complete it in the first attempt. India’s name is also included in the list of 5 countries that have sent unmanned missions to the Moon and Mars, which is a matter of pride for every Indian. India has left behind many countries in terms of production and has managed to make a special place for itself.

The Government of India also continuously provides services to the people through its various types of schemes and works with the slogan of Sabka Saath Sabka Vikas, the benefits of those schemes are given equally to everyone without any discrimination. Citizens should be ready for the country, should have the feeling of patriotism and it is necessary to pay attention to all these things because when you will pay attention to all these things then you will feel proud that you are Indian and you are born in a country like India Therefore, it is very important to celebrate the nectar festival of freedom.

On the elixir of independence, by organizing programs at different places in different ways, the love of patriotism is made aware in the minds of the people and those martyrs who fought for the freedom struggle and all the people who fought for the freedom fighters of the country. Fulfilled the dream of freedom.

Apart from this, through the “Azadi ka Amrit Mahotsav”, we can tell today’s young generation (whose age is between 18 to 35 years) about the freedom struggle in detail by organizing various types of programs to help them overcome all those challenges. You can inform what was revealed in giving independence to India, because keeping in mind our future, we also need to remember our history because this is the history of India which will fill anyone with confidence.

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आजादी का “अमृत महोत्सव पर निबंध 700 शब्दों में

परिचय

आजादी का 75 वर्ष “अमृत महोत्सव”:भारत विश्व का सातवां सबसे बड़ा देश है। इसे भारत, हिंदुस्तान और आर्यवर्त के नाम से भी जानते है। भारत एक ऐसा देश है जहां के लोग अलग–अलग भाषा बोलते है और विभिन्न जाति, धर्म, संप्रदाय और संस्कृती के लोग एक साथ रहते है। इसी वजह भारत को ‘विविधता में एकता’ का देश कहा जाता है। भारत का इतिहास अति प्राचीन, अति विशाल और अति गहरा है। ज्ञान, विज्ञान, समृद्धि, कलाकारी, शौर्य और आधात्म से परिपूर्ण है। जब भारत गुलामी की जंजीर से बंधा था तब 15 अगस्त ,1957 को देश अंग्रेजी हुकूमत से आजाद हुआ। अब देश स्वावलंबी के रास्ते में निरंतन आगे बढ़ रहा ,रोज नई–नई उंचाई को छू रहा है। स्वतंत्रता की 75 वर्षगाँठ पर शुरू हुआ आजादी का अमृत महोत्सव स्वालंबन की दिशा में उठाया गया एक और कदम है।चलिये हम सब अब पढते हैं अमृत महोत्सव पर निबंध |

सभी भारत वासियों के लिए 75 वा स्वतंत्रता दिवस मनाना एक गर्व की बात है, क्योंकि स्वतंत्रता पाने में हमारे देशवासियों का बहुत बड़ा योगदान है 100 वर्ष से ज्यादा लंबे चले संघर्ष के बाद भारत को स्वतंत्रता प्राप्त हुई और इसके लिए बहुत से लोगों ने शहीद होकर इस देश को आजाद कराया।

आजादी के अमृत महोत्सव का महत्व बहुत अधिक है क्योंकि हमारे देश को आजाद हुए 7 दशक पूरे हो गए हैं ( 1 दशक में 10 साल होते है )

आपको एक रोचक तथ्य बताते है कि आजाद भारत में तीन पीढ़ियां जन्म ले चुकी है –

  1. पहली पीढ़ी तो वही है जिन्होंने आजादी के लिए संघर्ष किया और बहुत बलिदान दिए | 
  2. दूसरी पीढ़ी वह रही जिन्होंने अपने दादा या अपने पिता से आजादी की कहानियां सुनी और इस संघर्ष के बारे में करीब से जाना |
  3. लेकिन वर्तमान समय मे जो तीसरी पीढ़ी है उन्हें आजादी के बारे में इतना ज्यादा ज्ञान नहीं है कुछ लोग इस बात की परवाह नहीं करते की देश ने क्या क्या झेला है उन्हें सिर्फ अपनेआस पास से मतलब है | उन्हें नहीं पता है कि भारत को आजाद कराने में स्वतंत्रता सेनानियों को कितना संघर्ष करना पड़ा है और लोगों ने कितने ज्यादा कुर्बानियां दी हैं।

आज की नई पीढ़ी

हम यह जानते है की किताबों से और इंटरनेट के माध्यम से आज की पीढ़ी ने थोड़ी बहुत जानकारी हासिल की है लेकिन आजादी के संघर्ष को करीब से नहीं जान पाए हैं महसूस नहीं कर पाए है | इसीलिए आजादी का अमृत महोत्सव  बहुत जरूरी है ताकि हम अलग अलग तरीके से आज की पीढ़ी ( जिनकी उम्र 18 से 35 वर्ष के बीच में है ) को आजादी के बारे में बता सके और संघर्ष की कहानी ठीक तरह से उनको बता सके, ताकि उनके मन में देश प्रेम की भावना अधिक हो जाए और वह अपने देश को लेकर और जिम्मेदार हो जाए। और देश के अच्छे नागरिक बनकर देश के लिए कुछ ख़ास कर सके |

जैसे  स्वतंत्रता सेनानी इस देख को हमे सोप गए है तो हमारा दायित्व बनता है की हम इस देश का ख्याल रखे और इस देश को अगली पीड़ी को सौप दे | और शिक्षा भी दे की हमारे देश वासी कितने बहादुर है | ताकि वो भी इस मैसेज को आगे फॉरवर्ड कर सके और देश को प्रेम करे जैसे की मैंने किया है इस आर्टिकल को लिख कर किया है |

सांस्कृतिक कार्यक्रम

देश की भावना जागृत करने के लिए सभी स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराए जाते हैं और उन कार्यक्रम के माध्यम से आजादी की कहानी लोगों तक पहुंचाई जाती है, इसमें देश भक्ति गीत, नृत्य नाटक शामिल होते हैं, इसके अलावा स्कूल के अध्यापक आजादी के जुडी बहुत सी महत्वपूर्ण बाते और एक अच्छी सी स्पीच तैयार करते हैं वह विस्तार से स्कूल के बच्चों को सरल शब्दों में आजादी के संघर्ष की कहानी बताते हैं और साथ ही यह बताते हैं कि आजादी पाने के लिए लोगों को किस प्रकार बलिदान दिया |

इस पहल से स्कूल के बच्चों को काफी कुछ जानने का मौका मिलता है और वह आजादी को लेकर अपनी समझ बना पाते हैं | और अपने अंदर देश प्रेम की भावना ला पाते है | और स्वतंत्रता का असली मतलब समझ पाते हैं।

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Azadi ka Amrit Mahotsav English Essay in 700 words

75 years of “Azadi ka Amrit Mahotsav”

India is the seventh largest country in the world. It is also known as Bharat, Hindustan, and Aryavarta. India is a country where people speak different languages ​​and people of different caste, religions, sects, and cultures live together. That is why India is called the country of ‘Unity in Diversity. The history of India is very ancient, very vast, and very deep. Full of knowledge, science, prosperity, artistry, bravery, and spirit. When India was bound by the chains of slavery, then on August 15, 1957, the country became independent from British rule. Now the country is continuously moving forward on the path of self-reliance, it is touching new heights every day. The Amrit Festival of Independence, which started on the 75th anniversary of Independence, is another step towards self-reliance. Let us all now read the Essay on “Azadi ka Amrit Mahotsav”.

Celebrating 75th Independence Day is a matter of pride for all the people of India because our countrymen have a great contribution to getting independence, after more than 100 years of long struggle, India got independence and for this many people were martyred. liberated this country.

The importance of the Amrit festival of independence is very high because our country has completed 7 decades of independence (1 decade is 10 years)

Let us tell you an interesting fact three generations have been born in independent India –

  1. The first generation is the one who fought for freedom and made many sacrifices.
  2. The second generation was the one who heard the stories of freedom from their grandfather or their father and came to know about this struggle closely.
  3. But in the present time, the third generation, they do not have much knowledge about freedom, some people do not care about what the country has suffered, they mean only to their surroundings. They do not know how much struggle the freedom fighters have had to make to liberate India and how many sacrifices people have made.

The new generation

Although today’s generation has gained a little information from books and through the Internet, they have not been able to know the freedom struggle closely, and have not been able to feel it. That is why the Amrit Festival of Independence is very important so that we can tell today’s generation about freedom in different ways and can tell them the story of the struggle properly so that the feeling of patriotism becomes more in their mind and they can live in their country. Be more responsible about And can do something special for the country by becoming a good citizen of the country.

Like, freedom fighters have slept on seeing this, then it is our responsibility to take care of this country and hand it over this country to the next generation. And also teach how brave our countrymen are. So that he can also forward this message and love the country as I have done by writing this article.

Cultural program

In order to awaken the spirit of the country, cultural programs are organized in all the schools and through those programs, the story of independence is conveyed to the people, it includes devotional songs, and dance dramas, apart from this, the school teachers are associated with independence. Many important things and prepares a good speech, he tells the story of freedom struggle in simple words to the school children in detail and also tells how people sacrificed to get freedom.

This initiative gives school children an opportunity to learn a lot and build their understanding of independence. And bring the feeling of patriotism in you. And understand the true meaning of freedom.

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आजादी का अमृत महोत्सव का महत्व क्या है?

आजादी का अमृत महोत्सव निबंध हिंदी में: 15 अगस्त 2022 को देश आजादी के 75 साल पूरे होने का जश्न मनाएगा। इस आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाने के लिए 75 हफ्ते पहले आजादी का अमृत महोत्सव शुरू हुआ था। प्रधानमंत्री ने 12 मार्च, 2021 को अहमदाबाद के साबरमती आश्रम में आजादी के अमृत महोत्सव का उद्घाटन किया था। यह फेस्टिवल 12 मार्च 2021 से 15 अगस्त 2023 तक चलेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने 12 मार्च, 2022 को अमृत महोत्सव की शुरुआत की थी क्योंकि इस दिन महात्मा गांधी और उनके सहयोगियों ने नमक पर ब्रिटिश सरकार द्वारा लगाए गए कर के विरोध में ‘नमक सत्याग्रह’ शुरू किया था। चाय, कपड़ा और नमक पर अंग्रेजों का कब्जा था। इसके विरोध में महात्मा गांधी ने यात्रा निकाली, जो साबरमती आश्रम से शुरू हुई। महात्मा गांधी ने 24 मार्च 1930 को दांडी में समुद्र के किनारे नमक बनाकर अंग्रेजों का काला कानून तोड़ा था। यह यात्रा 24 दिनों तक चली थी जिसमें 80 लोग शामिल हुए थे। 390 किलोमीटर तक चली इस पदयात्रा में हजारों लोग शामिल हुए थे।

अमृत महोत्सव मानने का उद्देश्य क्या है ?

भारत के पास अब अपनी जगह है और वह लगातार नए अवसरों की खोज कर रहा है। भारत अब हर उद्योग में अग्रणी है, लेकिन जब इस देश को गुलाम बनाया गया, तो कई बेटों ने अपनी जान दे दी और इसे मुक्त करने के लिए बड़ी कठिनाइयों का सामना किया। हालाँकि, अभी भी बहुत से लोग हैं जो स्वतंत्रता की लड़ाई और उनके बलिदान की कहानी से अनजान हैं, इसलिए स्वतंत्रता दिवस समारोह के माध्यम से सभी को स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ समझाना महत्वपूर्ण है। इस अमृत महोत्सव पर हमें उन साहसी सपूतों को याद करना चाहिए जिन्होंने मातृभूमि के लिए अपना परिवार और अपना पूरा जीवन बलिदान कर दिया। बहादुर भारतीय शहीदों के सम्मान में एक कवि प्रदीप द्वारा लिखी गई कुछ पंक्तियाँ |

भारत वर्तमान में एक ऐसे स्थान पर काबिज है जो लगातार उपलब्ध संसाधनों को पीछे छोड़ रहा है। भारत अब हर उद्योग में अग्रणी है, लेकिन जब इस देश को गुलाम बनाया गया, तो कई बेटों ने अपनी जान दे दी और इसे मुक्त करने के लिए बड़ी कठिनाइयों का सामना किया। हालाँकि, अभी भी बहुत से लोग हैं जो मुक्ति संग्राम और उनके बलिदान की कहानी से अनजान हैं, इसलिए स्वतंत्रता दिवस समारोह के माध्यम से सभी को स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ समझाना महत्वपूर्ण है। इस अमृत महोत्सव पर हमें उन साहसी सपूतों को याद करना चाहिए जिन्होंने मातृभूमि के लिए अपना परिवार और अपना पूरा जीवन बलिदान कर दिया। नीचे की पंक्ति कवि प्रदीप द्वारा बहादुर भारतीय शहीदों के सम्मान में लिखी गई थी।

“ऐ मेरे वतन के लोगों जरा आंख में भर लो पानी जो शहीद हुए है उनकी जरा याद करो कुर्बानी”

अमृत महोत्सव के कार्यक्रम

जाति, धर्म या राज्य की परवाह किए बिना, स्वतंत्रता का उत्सव पूरे भारत के लिए महत्वपूर्ण है। एक राष्ट्रीय अवकाश अमृत महोत्सव है। स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव 75 सप्ताह तक मनाया जाएगा, इस दौरान जनता की चेतना में देशभक्ति को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस साल आजादी का अमृत महोत्सव 12 मार्च से शुरू हो रहा है। जो आगामी 75 सप्ताह तक जारी रहेगा।

सभी सरकारी संस्थानों में आजादी का अमृत महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। कुछ जगहों पर रैलियां भी आयोजित की जाती हैं ताकि लोग समझ सकें कि यह कितना महत्वपूर्ण है। देश की सभी सरकारी इमारतें राष्ट्रीय ध्वज फहराती हैं। स्कूली बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं और स्वतंत्रता के उपलक्ष्य में कला का निर्माण करते हैं। कक्षा में बेहतरीन तैयारी की जा रही है और बच्चों को आजादी के संघर्ष की कहानियां सुनाई जा रही हैं। कार्यक्रम 15 अगस्त, 2021 को देशी संगीत, नृत्य, भाषण और प्रस्तावना पढ़ने के साथ शुरू हुआ। त्योहार के अलावा, राष्ट्रीय संस्कृति को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम निर्धारित किए गए थे।

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Q-आजादी का अमृत महोत्सव कब से कब तक मनाया जाता है?

A- आजादी का अमृत महोत्सव 75 सप्ताह तक मनाया जाता है और इन सप्ताह में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कराए जाते हैं और उनके माध्यम से लोगों के मन में देश प्रेम की भावना को जागरूक किया जाता है, इस बार आजादी का अमृत महोत्सव 12 मार्च से शुरू हुआ था जो अगले 75 सप्ताह तक चला।

Q-आजादी का अमृत महोत्सव पर जरूरी नारे?

A- आजादी का अमृत महोत्सव पर जरूरी नारे निम्नलिखित है |

“कहती भारत की आबादी है जान से भी प्यारी आजादी है”

“गांधी सुभाष और भगत सिंह यही है आजादी के चिन्ह”

“स्वतंत्रता अधूरी जिनके बिन है यह उन्हीं शहीदों का दिन है”

“जिन वीरों पर हमें गर्व है आजादी होनी है का पर्व है”

Q-आजादी का अमृत महोत्सव कहां से शुरू हुआ था?

A- आजादी का अमृत महोत्सव प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी मुख द्वारा गुजरात से शुरू हुआ था।

Q-प्रधानमंत्री द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव कहा किये

A- प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आजादी का अमृत महोत्सव की शुरुआत मार्च में गुजरात के साबरमती आश्रम से की थी और उन्होंने स्वतंत्रता के बारे में विस्तार से लोगों को बताया था।

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अमृत महोत्सव में भारत की कुछ उपलब्धियां

आजादी के 75 वर्ष अमृत महोत्सव में भारत की कुछ उपलब्धियां निम्नलिखित है:

आज भारत एक है, एकजुट है और हर क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है। अंग्रेजों ने दावा किया कि हमारे जाने के बाद आप राष्ट्र को तोड़ देंगे, लेकिन उन्होंने यह अनुमान नहीं लगाया था कि भारत दुनिया के सबसे लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में विकसित होगा। आजादी के बाद भारत के सामने कई चुनौतियां थीं, जिनमें गरीबी, भुखमरी, महंगाई, अपराध और भ्रष्टाचार शामिल हैं।

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1948  भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने लंदन ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था।
1949  भारतीय रिजर्व बैंक का राष्ट्रीयकरण हुआ।
1950  भारत पूर्ण गणतंत्र  बना और पूरे देश में संविधान लागू हुआ। भारतीय रेल का राष्ट्रीयकरण हुआ था।
1951   देश का पहला लोकसभा चुनाव, पहले एशियाई खेलों की मेजबानी, पहले आई आईटी की स्थापना।
1952   स्वतंत्र भारत का पहला संसद सत्र बुलाया गया।
1953  एअर इंडिया का राष्ट्रीयकरण हुआ।
1954  भारत रत्न और पद्म विभूषण की शुरुआत हुई।
1955  भारत का पहला कंप्यूटर लांच किया गया।
1956  पुरुष हॉकी टीम ने मेलबर्न ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता।
1957  कश्मीर के भारत में विलय के निर्णय को स्वीकृति।
1958  परमाणु ऊर्जा अधिनियम पारित हुआ।
1959  पंचायत राज का देश में पहला कदम ,दूरदर्शन की स्थापना के साथ भारत में टेलीविजन का इतिहास।
1960  देश की पहली एयरलाइन एअर इंडिया ने अपनी पहली इंटरनेशनल फ्लाइट गोइंग 707- 420 न्यूयॉर्क के लिए रवाना किया था, ओलंपिक में मिल्खा सिंह रिकार्ड तोड़ने वाले पहले भारतीय थे, गुजरात और महाराष्ट्र की स्थापना हुई थी।
1961  गोवा का भारत में विलय हुआ था, भारत में गुटनिरपेक्ष देशों की पहली बैठक में नेतृत्व की कमान संभाली।
1962  भारतीय फुटबॉल टीम ने एशियन गेम में गोल्ड मेडल जीता और भारत की फुटबॉल टीम शीर्ष पर पहुंची।
1963   भाखड़ा नांगल परियोजना संपन्न हुआ, भारत का पहला रॉकेट केरल के तिरुवंतपुरम के करीब थंबा से पहले छोड़ा गया।
1964   भारत के पहले जेट ट्रेनर HJT-16 ने उड़ान भरी।
1965   हरित क्रांति की शुरुआत हुई।
1966  इंदिरा गांधी देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी, रीता फारिया विश्व सुंदरी जीतने वाली पहली भारतीय बनी।
1967  जाकिर हुसैन देश के पहले मुस्लिम राष्ट्रपति बने, मशहूर सितार वादक पंडित रवि शंकर को ग्रैमी पुरस्कार मिला।
1968  शत्रु संपत्ति कानून बना, सोना खरीदने – बेचने पर सरकार का नियंत्रण, डॉ प्रफुल्ल सेन ने हृदय प्रत्यारोपण सर्जरी करके दुनिया के तीसरे डॉक्टर बने।
1969  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की स्थापना हुई।
1970  भारत में श्वेत क्रांति की शुरुआत, भारत में निर्मित पहला मिग 21 एक वायु सेना में शामिल हुआ।
1971  भारत ने बांग्लादेश को पाकिस्तान से आजादी दिलाने के लिए सैन्य हस्तक्षेप में मदद की जिससे बांग्लादेश का जन्म हुआ।
1972  पिन कोड की शुरुआत की गई।
1973  चिपको आंदोलन की शुरुआत हुई जो कि एक वन संरक्षण आंदोलन था, प्रोजेक्ट टाइगर लांच किया गया।
1974   पोखरण में पहला परमाणु परीक्षण किया गया।
1975  पहला भारतीय उपग्रह आर्यभट्ट लांच किया गया, हॉकी विश्व विजेता बना।
1976  बंधुआ मजदूर प्रथा को भारत में समाप्त किया गया
1977   देश में पहली गैर कांग्रेसी सरकार बनी।
1978  भारत की पहली टेस्ट ट्यूब बेबी दुर्गा का जन्म हुआ।
1779   मंडल आयोग की स्थापना, सुप्रीम कोर्ट ने जन हित याचिका को बताया वैध।
1980   चेचक से निपटने के लिए सबसे लंबे टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत।
1981  इस वर्ष आईटी कंपनी इंफोसिस की स्थापना की गई वहीं दूसरी ओर नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (नाल्को) को भी स्थापित किया गया।
1982  नई दिल्ली में भारत ने एशियाड खेलों की मेजबानी संभाली।
1983  भारत में पहली बार क्रिकेट विश्व कप जीता था।
1984  भारत के पहले और विश्व के 138 में अंतरिक्ष यात्री बने राकेश शर्मा।
1985  भारत की सबसे प्रतिष्ठित ओपन यूनिवर्सिटी इग्नू (IGNOU) की स्थापना हुई संसद में आतंक (TADA) निरोधी कानून पास किया गया।
1986  प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पहल पर उपभोक्ता संरक्षण विधेयक संसद में पारित किया गया, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का भी गठन हुआ, एशियाई खेलों में पीटी उषा की ऐतिहासिक जीत।
1987  सुनील गावस्कर ने टेस्ट मैच में 10000 रन स्कोर करने वाले पहले क्रिकेटर बने, गोवा भारत का 25वे राज्य के रूप में अस्तित्व में आया।
1988  वोट डालने के लिए उम्र को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दिया गया।
1989  केरल का कोट्टायम भारत का पहला पूर्ण साक्षर जिला घोषित हुआ।
1990  सरकारी नौकरी में लागू हुई मंडल आयोग की सिफारिशें, भारत सरकार द्वारा 11,000 भारतीयों को कुवैत से एअरलिफ्ट कराया गया।
1991  उदारीकरण से नई अर्थव्यवस्था की नींव पड़ी, सुपर कंप्यूटर परम 8000 बना।
1992  सत्यजीत को ऑस्कर अवार्ड से नवाजा गया।
1993  भारत में लागू हुआ पंचायती राज कानून।
1994   सुष्मिता सेन ने मिस यूनिवर्स और ऐश्वर्या राय ने मिस वर्ल्ड का ताज जीता।
1995  पहली बार इंटरनेट का इस्तेमाल हुआ, देश की पहली दलित महिला मुख्यमंत्री मायावती बनी थी, मिड डे मील की शुरुआत हुई थी।
1996  अटलांटा ओलंपिक में लिएंडर पेस ने कांस्य पदक जीता था।
1997  अरुंधति राय ने ‘द गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स’ के लिए बुकर पुरस्कार जीता।
1998  भारत में दो और परमाणु परीक्षण किए, अमर्त्य सेन को मिला नोबेल पुरस्कार।
1999  भारत में कारगिल युद्ध जीता।
2000  विश्व शतरंज चैंपियन बने विश्वनाथन आनंद।
2001  पहले स्वदेश निर्मित लड़ाकू जेट तेजस ने उड़ान भरी, सर्व शिक्षा अभियान की शुरुआत।
2002  स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना की शुरुआत, मैरीकॉम ने मुक्केबाजी में पहला स्वर्ण पदक जीता।
2003  सानिया मिर्जा विंबलडन के डबल्स ट्रॉफी जीतने वाली पहली भारतीय बनीं।
2004  पहला टेस्ट मैच जीता।
2005  सूचना के अधिकार कानून हुआ।
2006  परिमार्जन नेगी अंतर्राष्ट्रीय चैस ग्रैंडमास्टर मास्टर बनने वाले सबसे युवा एशियाई बने।
2007  प्रतिभा पाटिल देश की पहली महिला राष्ट्रपति बनी।
2008  भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने शूटिंग में स्वर्ण पदक जीता, मिशन चंद्रयान-1 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया।
2009  शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू हुआ, पहेली स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत लॉन्च हुआ।
2010  कामनवेल्थ की मेजबानी करने का मौका मिला।
2011  27 साल बाद टीम इंडिया ने क्रिकेट विश्व कप जीता।
2012  लंदन ओलंपिक में भारत ने 6 मेडल जीते।
2013  राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम पारित हुआ, मंगल यान ने मंगल ग्रह पर चक्कर लगाया।
2014  WHO ने देश को पोलियो मुक्त घोषित किया।
2015  इंदिरा गांधी एयरपोर्ट को बेस्ट एयरपोर्ट का अवार्ड मिला।
2016  पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक किया गया।
2017  भारत में जीएसटी को हरी झंडी दिखाई।
2018  रेलवे ने 69 दिनों में डीजल इंजन को इलेक्ट्रिक में बदल दिया।
2019  वायु सेना ने बालाकोट में एअर स्ट्राइक की, चंद्रमा पर दूसरे मिशन चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण किया गया, लोकसभा में सबसे ज्यादा महिला सांसद चुनी गई, जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 निष्प्रभावी किया गया।
2020  देश की पहली किसान रेल शुरू हुई, पहला ग्लास ब्रिज बिहार के राजगीर  में नेचर सफारी में बनाया गया है।
2021  भारत के जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता, हरनाज कौर संधू ने मिस यूनिवर्स का खिताब जीता, दुनिया का सबसे हल्का लड़ाकू हेलिकॉप्टर बनाया, स्वदेशी कोरोना वैक्सीन को-वैक्सीन आई।

 


 

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Some achievements of India in Amrit Mahotsav

Following are some of India’s achievements in the “Azadi ka Amrit Mahotsav”, 75 years of independence:

Today, India is united and developing quickly in every sector. The British claimed that they would break the nation once we left, but they did not anticipate that India would develop into the world’s most democratic nation. India had numerous challenges following its independence, including poverty, starvation, inflation, crime, and corruption.

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A look at India’s accomplishments:

1948 The Indian men’s hockey team had won a gold medal at the London Olympics.
1949 The Reserve Bank of India was nationalized.
1950 India became a complete republic and the Constitution came into force throughout the country. The Indian Railways was nationalized.
1951 The country’s first Lok Sabha election, the first Asian games to host, and the first it came to the establishment.
1952 The first Parliament session of independent India was convened.
1953 Air India was nationalized.
1954 Bharat Ratna and Padma Vibhushan were launched.
1955 India’s first computer was launched.
1956 The men’s hockey team won a gold medal at the Melbourne Olympics.
1957 Approval of the decision to merge Kashmir with India.
1958 The Atomic Energy Act was passed.
1959 The first step in the country of Panchayat Raj, the history of television in India with the establishment of Doordarshan.
1960 Air India, the country’s first airline, had flagged off its first international flight Going 707-420  to New York, Milkha Singh was the first Indian to break the record at the Olympics, and Gujarat, Maharashtra was founded.
1961 Goa was merged into India, taking over the leadership at the first meeting of the non-aligned countries in India.
1962 The Indian football team won a gold medal at the Asian Games and the Indian football team reached the top.
1963 The Bhakra Nangal project concluded, and India’s first rocket was launched before Thumba near Thiruvanthapuram in Kerala.
1964 India’s first jet trainer HJT-16 took off.
1965 The Green Revolution began.
1966 Indira Gandhi became the first woman Prime Minister of the country, and Rita Faria became the first Indian to win the world beauty.
1967 Zakir Hussain became the country’s first Muslim president, with renowned sitar player Pandit Ravi Shankar receiving the Grammy Award.
1968 Making enemy property laws, and the government’s control over buying and selling gold, Dr. Prafulla Sen became the third doctor in the world to undergo heart transplant surgery.
1969 The Indian Space Research Organisation (ISRO) was established.
1970 Beginning of the White Revolution in India, the first MiG 21 built-in India joined the Air Force.
1971 India helped in military intervention to get Bangladesh independence from Pakistan which led to the birth of Bangladesh.
1972 The PIN code was introduced.
1973 The Chipko movement started which was a forest conservation movement, and Project Tiger was launched.
1974 The first nuclear test was conducted in Pokhran.
1975 The first Indian satellite Aryabhata was launched, and hockey became the world champion.
1976 The practice of bonded labor was abolished in India
1977 The first non-Congress government was formed in the country.
1978 India’s first test tube baby Durga was born.
1779 Establishment of Mandal Commission, Supreme Court calls public interest litigation valid.
1980 The start of the longest vaccination program to combat smallpox.
1981 This year, its company Infosys was set up while on the other hand, National Aluminium Company Limited (NALCO) was also set up.
1982 India hosts the Asiad Games in New Delhi.
1983 India won the Cricket World Cup for the first time.
1984 Rakesh Sharma became India’s first 138 astronauts in the world.
1985 India’s most prestigious open university IGNOU (IGNOU)  was established and passed the Anti-Terror (TADA)  Act in Parliament.
1986 At the initiative of Prime Minister Rajiv Gandhi, the Consumer Protection Bill was passed in Parliament, and the new National Education Policy was also formed, pt Usha’s historic victory in the Asian Games.
1987 Sunil Gavaskar became the first cricketer to score 10000  runs in a Test match, Goa came into existence as the  25thstate of India.
1988 The age for voting was reduced from 21 years to 18 years.
1989 Kottayam in Kerala was declared India’s first fully literate district.
1990 The recommendations of the Mandal Commission were implemented in government jobs, and 11,000 Indians were airlifted from Kuwait by the Government of India.
1991 Liberalization laid the foundation of the new economy, the supercomputer becoming the ultimate 8000.
1992 Satyajit Ray was awarded the Oscar award.
1993 Panchayati Raj Law has come into force in India.
1994 Sushmita Sen won the Miss Universe and Aishwarya Rai won the Miss World crown.
1995 For the first time internet was used, the country’s first Dalit woman chief minister Mayawati had become, and the mid-day meal was started.
1996 Leander Paes had won a bronze medal at the Atlanta Olympics.
1997 Arundhati Rai won the  Booker Prize for ‘The God of Small Things.
1998 Two more nuclear tests were conducted in India, and Amartya Sen received the Nobel Prize.
1999 Won the Kargil War in India.
2000 Viswanathan Anand becomes the world chess champion.
2001 The first indigenously built fighter jet Tejas took off, the launch of the Sarva Shiksha Abhiyan.
2002 Starting the Golden Quadrilateral project, Mary Kom won her first gold medal in boxing.
2003 Sania Mirza becomes the first Indian to win the Wimbledon doubles trophy.
2004 Won the first Test match.
2005 The Right to Information Act was enacted.
2006 Parimarjan Negi became the youngest Asian to become the International Chess Grandmaster Master.
2007 Pratibha Patil became the first woman President of the country.
2008 Indian shooter Abhinav Bindra won a gold medal in shooting, Mission Chandrayaan-1 was successfully launched.
2009 Right to Education Act came into force, puzzle indigenous nuclear submarine INS Arihant launched.
2010 Got a chance to host The Commonwealth.
2011 After 27 years, Team India won the Cricket World Cup.
2012 India won six medals at the London Olympics.
2013 The National Food Security Act passed, and the Mars spacecraft circled Mars.
2014 Who declared the country polio-free.
2015 Indira Gandhi Airport won the best airport award.
2016 There was a surgical strike on Pakistan.
2017 Gst in India flagged off.
2018 The railways converted the diesel engine into electric in 69 days.
2019 The Air Force carried out an air strike in   Balakot, the second mission to the moon Chandrayaan-2 was launched, the highest number of women MPs were elected in the Lok Sabha, and Article  370  was revoked from Jammu and Kashmir.
2020 The country’s first Kisan Rail has started, and the first glass bridge has been built at the nature safari at Rajgir in Bihar.
2021 India’s javelin thrower Neeraj Chopra won a gold medal at the Tokyo Olympics, Harnaz Kaur Sandhu won the Miss Universe title, made the world’s lightest combat helicopter, and came the indigenous corona vaccine co-vaccine.

 


 

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